भारतीय पत्रकारिता महोत्सव 2026



स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. आगामी 03, 04 एवं 05 मई 2026 को इंदौर में भारतीय पत्रकारिता महोत्सव का आयोजन करने जा रहा है। देश में पत्रकारिता के बदलते आयाम और इसकी प्रगति यात्रा को जारी रखने का बड़ा उद्देश्य लेकर वर्ष 2009 से यह आयोजन जारी है। इस वर्ष के महोत्सव का केंद्रीय विषय है जेन-जी"। इस महोत्सव में बात होगी मीडिया, चुनाव सुधार, एआई, युवा, शिक्षा एवं महिला जगत में आ रहे बदलावों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर। भारतीय पत्रकारिता महोत्सव हिंदी मीडिया के महानायकों के आशीर्वाद से फलीभूत अनुष्ठान है। यह महोत्सव मूर्धन्य संपादक राहुल बारपुते, राजेन्द्र माथुर, प्रभाष जोशी, माणिकचंद वाजपेयी, रमेशचंद्र अग्रवाल, अभय छजलानी एवं कृष्ण कुमार अष्ठाना की पावन स्मृति को समर्पित है।

पत्रकारिता का पर्व

विविधताओं के देश भारत में अनेक भाषाएँ और संस्कृतियाँ हैं तो ज़ाहिर है देश का मीडिया भी बहुत सारे रंगों और खुशबुओं से सराबोर है। मीडिया के अलग-अलग रंगो को एक साथ साझा मंच पर लाता है - भारतीय पत्रकारिता महोत्सव। पिछले 17 वर्षों से लगातार जारी अपनी तरह के अकेले इस महोत्सव में अब तक सैकड़ों झकझोरते-गुदगुदाते यादगार सत्रों में देश-विदेश के सैकडों पत्रकारों ने हिस्सा लिया और उस जज़्बे को पर्व में बदला, जिसे हम भारत के मीडिया की ताक़त कहते हैं।

स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र.

स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. उत्कृष्ट पत्रकारिता के कुनबे को एक सूत्र में पिरोने वाली वह माला है जिसमें मोती लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। इसका लक्ष्य पत्रकारिता की प्रगति में लगातार वैचारिक आयोजन कर इसे और परिष्कृत करने का रहा है। इसी ध्येय के साथ लगातार परिसंवाद, परिचर्चा, सेमिनार और वेबिनार के आयोजन कर पत्रकारिता की हर विधा के आयोजन वर्ष भर किए जाते हैं। इसमें देश-दुनिया के लब्ध प्रतिष्ठित पत्रकार शिरकत करते रहे हैं। यह क्रम बरसों से अनवरत जारी है।

इंदौर- एक स्तंभ...

इंदौर की धरती ने देश को कई लब्ध प्रतिष्ठित पत्रकार दिए हैं, जिन्होंने न केवल स्वयं को वरन पत्रकारिता की परंपरा को अपनी लेखनी से सींचा है। इंदौर को न केवल पत्रकारिता बल्कि समाचार पत्रों का केंद्र कहें तो यह गलत नहीं होगा। प्रिंट मीडिया हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अब वेब मीडिया सभी विधाओं में इंदौर के मेहनती पत्रकारों ने अपनी मेधा के दम पर एक मुकाम हासिल किया है। विषय चाहे स्थानीय हो या राष्ट्रीय यहां के मीडिया संस्थानों एवं पत्रकारों की बातों को गंभीरता से लिया जाता है।

आयोजन की ख़ास बातें

          भारतीय पत्रकारिता के वर्तमान परिदृश्य पर 72 घंटे का विशिष्ट आयोजन

          प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के 100 से ज़्यादा वरिष्ठ पत्रकारों की मौजूदगी

          देश-समाज के ज्वलंत मुद्दों पर केंद्रित संवाद के नौ अलग-अलग सत्र

          देशभर के प्रमुख प्रेस क्लब एवं मीडिया संगठनों का पांचवां समागम-शिखर संवाद

          अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त म.प्र. के फोटोग्राफर्स के छायाचित्रों की प्रदर्शनी

          जेन-जी पर केन्द्रित 125 पृष्ठों की सुरुचि और उद्देश्यपूर्ण स्मारिका

          एक लाख रुपए की इनामी प्रतियोगिताओं के साथ तीन दिनी मास्टर क्लास

          देश के 11 सक्रिय प्रेस क्लबों को राष्ट्रीय अवार्ड

          प्रदेश के 11 जाने-माने पत्रकारों को राज्य स्तरीय सप्तऋषि मीडिया अवॉर्ड

          इन्दौर में सक्रिय पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों को मीडिया अवॉर्ड


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